Re-arrangement, mostly.
यहाँ सारे चेहरे हैं मांगे हुए से निगाहों में आंसू भी टाँगे हुए से बड़ी नीची राहें हैं ऊँचाइयों की
यह साए हैं यह दुनिया है परछाइयों की, भरी भीड़ में खाली तन्हाइयों की