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हौर्न के शोर में ख्यालों की आवाज़ डूब गयी
इतने रंग हैं के सब धुंधला लगता है
इस शहर में ज़िन्ददगी ज़िन्दगी नहीं, धुआं लगता है

एक कोने की तलाश है या थोड़ी सी नींद की
या फिर इस धुएं में थोड़ी सी सांस की
एक नशा है ये शहर अजीब सा
बसेरा है ख्यालों का, ख्वाबों का

यहाँ खुला आसमान भी जैसे एक अँधेरा कुआँ लगता है
इस शहर में ज़िन्ददगी ज़िन्दगी नहीं, धुआं लगता है